गंगा की अवरिलता, निर्मलता के लिए और दिवंगत संत स्वामी सानन्द की मांगों को पूरा करवाने के लिए 179 दिनों से अनशनरत मातृ सदन के संत ब्रह्मचारी आत्मबोधानन्द ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर 25 अप्रैल तक मांगें पूरी नहीं होने पर 27 अप्रैल से जल भी छोड़ने की घोषणा की है. पत्र की कॉपी प्रधानमंत्री के साथ ही राष्ट्रपति, यूएनओ समेत अनेक लोगों को भेजी गई है. ब्रह्मचारी आत्मबोधानन्द ने कहा कि पीएम से लेकर डीएम तक कोई सुनने को तैयार नहीं हैं . उन्होंने आरोप लगाया कि लोग उनकी भी हत्या करवाना चाहते हैं. वहीं स्वामी शिवानंद का कहना है कि आत्मबोधानंद को भी मरने के लिए छोड़ दिया गया है. उन्होंने कहा कि सैकड़ों पत्र गंगा के संबंध में लिखे जा चुके हैं. लेकिन कहीं कोई सुनवाई नहीं हो रही है.from Latest News उत्तराखंड News18 हिंदी http://bit.ly/2IIOHuc
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