केदारनाथ की 16 किमी की कठिन पैदल यात्रा को शुरू करने से पहले श्रद्धालु गौरीकुण्ड व तप्तकुण्ड में स्नान करते हैं. गौरीकुण्ड में स्थित इन दोनों कुण्डों का सीधे मां गौरी से जुड़ाव होने के कारण पौराणिक महत्व तो है ही साथ ही इन दोनों कुण्डों अलग विशेषताएं भी हैं. तप्त कुण्ड में भारी ठण्ड के बीच भी हमेशा गर्म पानी निकलता रहता है. इसमें स्नान करने के बाद ही श्रद्धालु केदारनाथ पैदल यात्रा शुरू करते हैं. गौरीकुण्ड की विशेषता यह है कि यहां का पानी रंग बदलता रहता है. शुक्ल पक्ष में जल का रंग पीला और कृष्ण पक्ष में जल का रंग हरा हो जाता है. श्रद्धालु यहां पर अपने पूर्वजों का पिण्डदान भी करते हैं. इस कुण्ड का भगवान शिव, पार्वती और गणेश की पौराणिक कथा से भी सम्बन्ध है. न्यूज़ 18 संवाददाता शैलेंद्र सिंह रावत से बातचीत में तीर्थ पुरोहित कृष्णानन्द तिवारी ने दोनों कुण्डों का महत्व बताया.from Latest News उत्तराखंड News18 हिंदी http://bit.ly/2H8Yg4h
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