दूरसंचार एवं प्रसारण नियामक ट्राई ने नेटफ्लिक्स, हॉटस्टार और प्राइम वीडियो जैसे ओटीटी मंचों से जुड़े जटिल कानूनी प्रारूप में आमूलचूल बदलाव के लिए सोमवार को एक परामर्श पत्र जारी किया. भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (ट्राई) ने कहा कि मौजूदा दौर में सूचना प्रौद्योगिकी, दूरसंचार, प्रसारण एवं अंतरिक्ष क्षेत्र से जुड़ी प्रौद्योगिकियों के सम्मिलन को संभव बनाने के लिए मौजूदा नियमों में बदलाव करने की जरूरत है. इसके अलावा इन नियमों से जुड़ी जटिलताओं को भी दूर करने पर ध्यान देना होगा.
नियामक ने इन बिंदुओं को ध्यान में रखते हुए इच्छुक पक्षों से परामर्श पत्र पर 27 फरवरी तक टिप्पणियां आमंत्रित की हैं. ट्राई के मुताबिक, प्रसारण क्षेत्र में सामग्री का नियमन ओटीटी मंचों के आगमन से काफी जटिल हो गया है. इसके साथ ही ओटीटी मंचों की लोकप्रियता बढ़ने से सामग्री नियमन के नीतिगत क्षेत्र में कई खमियां भी पैदा हो गई हैं.
हालांकि सरकार 'ओवर-द-टॉप' (ओटीटी) मंचों पर प्रसारित की जा रही सामग्री को सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के मातहत लेकर आई है लेकिन मौजूदा व्यवस्था में इस सामग्री का नियमन सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 एवं अन्य कानूनों के ही तहत होता है.
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