google.com, pub-5537491996600610, DIRECT, f08c47fec0942fa0 breakingnews: नंदिनी दूध पर कर्नाटक की राजनीति में फिर से 'उबाल', अब दिया गया धार्मिक रंग

best

Tuesday, August 1, 2023

नंदिनी दूध पर कर्नाटक की राजनीति में फिर से 'उबाल', अब दिया गया धार्मिक रंग

कर्नाटक में नंदिनी दूध के जिस मुद्दे पर कांग्रेस ने विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी को घेरा था और अमूल ब्रांड के प्रदेश में लाने से स्थानीय नंदिनी डेयरी ब्रांड को खत्म करने की साजिश का आरोप लगाया था, बीजेपी अब उसी मुद्दे पर कांग्रेस पर हमलावार है. बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष नलिन कुमार कतील ने कांग्रेस पर हिंदू मान्यताओं और भक्ति के प्रति उदासीनता के कारण तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम (टीटीडी) को नंदिनी घी की आपूर्ति रोकने का आरोप लगाया है. टीटीडी विश्व प्रसिद्ध तिरूपति लड्डू बनाने के लिए घी का टेंडर जारी करता है, जो भक्तों को प्रसाद के रूप में दिया जाता है.

पार्टी नेता सीटी रवि ने यह भी दावा किया है कि राज्य सरकार ने नंदिनी दूध की कीमत बढ़ाकर कर्नाटक मिल्क फेडरेशन (केएमएफ), जो इस ब्रांड का मालिक है, उसको बोली की प्रक्रिया से दूर कर दिया है.

हालांकि, कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कहा है कि टीटीडी को नंदिनी घी की आपूर्ति पिछले डेढ़ साल से नहीं हुई है और कतील से पूछा कि क्या भाजपा, जो उस समय सत्ता में थी, 'हिन्दू भक्ति विरोधी' है.

मुख्यमंत्री के दावे की पुष्टि केएमएफ के अधिकारियों ने भी की. उन्होंने कहा कि आखिरी बार आंध्र प्रदेश में मंदिर को नंदिनी घी की आपूर्ति 2021 में की गई थी. उन्होंने यह भी कहा कि आखिरी निविदा प्रक्रिया इस साल मार्च में हुई थी, जब बीजेपी सरकार सत्ता में थी.

एक ट्वीट में, कतील ने मीडिया रिपोर्ट का हवाला दिया था और कांग्रेस सरकार पर तिरुपति लड्डू के लिए केएमएफ से घी की आपूर्ति रोकने का आरोप लगाया था.

इसे भी पढ़ें: दूध को लेकर विवाद, कर्नाटक के 'नंदिनी' ब्रांड का विरोध कर रहा केरल

ट्वीट में कहा गया, "मंदिर और हिंदू मान्यताओं और भक्ति के प्रति कर्नाटक कांग्रेस की उदासीनता की नीति के कारण तिरूपति के लड्डुओं के लिए नंदिनी घी की आपूर्ति बंद कर दी गई है. तिरूपति के साथ 50 साल की विरासत खत्म हो गई है और यह सिद्धारमैया की हिंदुओं के प्रति उदासीनता की नीति को साबित करता है."

पिछले हफ्ते, कर्नाटक कैबिनेट ने केएमएफ को 1 अगस्त से नंदिनी दूध की कीमत ₹3 प्रति लीटर बढ़ाने की अनुमति दी थी. भाजपा नेता सीटी रवि ने कहा कि इससे नंदिनी के लिए टीटीडी को पहले की कीमत पर दूध की आपूर्ति करना असंभव हो गया.

रवि ने ट्वीट किया, "कांग्रेस ने विधानसभा चुनावों के दौरान नंदिनी मुद्दे का बेशर्मी से राजनीतिकरण किया और अमूल को बदनाम करने के लिए इसका इस्तेमाल किया. अक्षम कांग्रेस सरकार को धन्यवाद, नंदिनी अब प्रसिद्ध तिरूपति लड्डू तैयार करने के लिए घी की आपूर्ति नहीं करेगी. यह बहुत स्पष्ट है कि कांग्रेस इसे नष्ट करने पर तुली हुई है."

वहीं बीजेपी पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने ट्वीट किया, ''आंध्र प्रदेश के तिरूपति को नंदिनी घी की आपूर्ति आज या कल नहीं रोकी गई है. तिरूपति को घी की आपूर्ति डेढ़ साल पहले निलंबित कर दी गई थी. जब बीजेपी की सरका थी.''

सिद्धारमैया ने पूछा, "माननीय सांसद @nalinkateel, अब मुझे बताएं, क्या पिछली भाजपा सरकार हिंदू धार्मिक मान्यताओं और भक्ति के खिलाफ थी? या केवल तत्कालीन मुख्यमंत्री @BSBommai (बसवराज बोम्मई) हिंदू विरोधी थे."

उन्होंने कहा, "लोगों की धार्मिक आस्था के साथ-साथ डेयरी किसानों का जीवन भी हमारे लिए महत्वपूर्ण है. इसलिए, यदि राज्य के किसानों के हित में, अगर तिरूपति मंदिर हमारे द्वारा मांगी गई कीमत देने के लिए सहमत हो जाता है, तो हमें घी की आपूर्ति करने में कोई समस्या नहीं है."

इसे भी पढ़ें: अमूल और नंदिनी दूध के बीच चला विवाद अब मध्य प्रदेश पहुंचा, यहां साँची को लेकर जंग

केएमएफ के अध्यक्ष भीमा नायक ने कहा कि नंदिनी ब्रांड अपनी गुणवत्ता के लिए जाना जाता है और कीमत पर कोई समझौता नहीं कर सकता. इसीलिए संगठन ने निविदा प्रक्रिया से बाहर रहने का विकल्प चुना है.

केएमएफ के वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा कि निविदा प्रक्रिया हर छह महीने में होती है और आखिरी बार इस साल मार्च में आयोजित की गई थी. उन्होंने कहा कि अगस्त में मूल्य वृद्धि से मार्च में निविदा प्रक्रिया पर कोई असर नहीं पड़ेगा.

अधिकारियों ने कहा कि केएमएफ ने 2005 में टीटीडी को नंदिनी घी की आपूर्ति शुरू की थी और आखिरी बार इसकी बोली आंशिक रूप से 2021 में सफल रही थी, जब बातचीत के बाद इसे आपूर्ति अनुबंध का 35% हिस्सा मिला था. एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, "2022 में बोली लगाई गई थी, लेकिन यह सफल नहीं रही. हमने 2023 में बोली नहीं लगाई."

टीटीडी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी, धर्मा रेड्डी ने कहा कि केएमएफ ने मार्च 2023 में पिछली नीलामी में भाग नहीं लिया था. उन्होंने यह भी कहा कि लड्डू के लिए घी सहित सभी वस्तुएं ई-टेंडर के माध्यम से खरीदी जाती हैं और सबसे कम बोली लगाने वाले को अनुबंध दिया जाता है, बशर्ते वे जिन सामग्रियों की आपूर्ति करते हैं वे टीटीडी द्वारा निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप हैं.

कर्नाटक विधानसभा चुनाव से एक महीने पहले अप्रैल में, कांग्रेस और जनता दल (सेक्युलर) ने कहा था कि अगर अमूल राज्य के बाजार में प्रवेश करेगा तो नंदिनी ब्रांड खतरे में पड़ जाएगा. पार्टियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह पर कर्नाटक को 'लूटने' का आरोप लगाया था.

बीजेपी ने दावा किया था कि कांग्रेस गलत सूचना अभियान चला रही है और दावा किया है कि उसने केएमएफ को मजबूत करने के लिए विपक्षी दल से कहीं अधिक काम किया है.



from NDTV India - Latest https://ift.tt/R3BHp7D

No comments:

Post a Comment

The Indian chef who brought curry to America - then vanished

Indian chef Ranji Smile opened America’s first Indian restaurant in 1901 - then became a fake prince. from BBC News https://ift.tt/PCTFGrw