जम्मू-कश्मीर (Jammu-Kashmir) के बस हमले में जयपुर जिले के दो परिवारों ने अपने चार सदस्यों को खो दिया और इनके गांव-घरों में कल रात से ही मातम पसरा है. परिजनों को भरोसा नहीं हो रहा है कि वैष्णो देवी की तीर्थ यात्रा पर गए ये लोग अब कभी जिंदा नहीं लौटेंगे. कपड़ों की दुकान के संचालक राजेंद्र सैनी और उनकी पत्नी ममता अपने दो रिश्तेदारों और उनके बेटे के साथ बृहस्पतिवार को वैष्णो देवी की तीर्थयात्रा के लिए रवाना हुए थे. तब किसी को अंदाजा नहीं था कि यह यात्रा दोनों परिवारों के लिए ‘कहर' बन जाएगी.
राजेंद्र और पूजा के दो बेटे और एक बेटी जयपुर के पास चौमूं शहर की पांच्यावाला की ढाणी में अपने छोटे से घर में रहते हैं. उन्हें अपने माता-पिता का तीर्थ यात्रा से लौटने का इंतजार है. हालांकि, वे नहीं जानते कि उनके माता पिता अब इस दुनिया में नहीं रहे. उन्हें बस इतना पता है कि उनके माता-पिता सड़क दुर्घटना में घायल हो गए हैं और उन्हें इलाज के लिए जयपुर लाया जा रहा है.
आतंकी हमले में 9 लोगों की मौत
आतंकवादियों ने जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले में तीर्थयात्रियों को ले जा रही एक बस पर गोलियां बरसाईं, जिसमें नौ लोगों की मौत हो गई और कई लोग घायल हो गए.
बस शिव खोड़ी मंदिर से कटरा स्थित माता वैष्णो देवी मंदिर जा रही थी और इसी दौरान पोनी इलाके के तेरयाथ गांव के पास हमला किया गया और गोलीबारी के बाद बस गहरी खाई में गिर गई.
अधिकारियों ने बताया कि इसमें राजेंद्र सैनी (42), उनकी पत्नी ममता (40), उनकी रिश्तेदार पूजा सैनी (30) और उनके दो साल के बेटे टीटू की मौत हो गई, जबकि पूजा का पति पवन घायल हो गया.
राजेंद्र और ममता चौमूं के रहने वाले थे जबकि पूजा चौमूं रोड पर हरमाड़ा इलाके में अजमेरा की ढाणी की रहने वाली थी.
मौत की खबर मिलते ही पसरा मातम
आतंकी हमले और इन लोगों की मौत की खबर मिलते ही दोनों गांवों में मातम छा गया. स्थानीय लोगों और रिश्तेदारों ने राजेंद्र के दो बेटों और बेटी को अभी यह नहीं बताया है कि क्या हुआ. उन्हें बस यह बताया गया है कि माता-पिता घायल हो गए हैं.
राजेंद्र की एक रिश्तेदार पूजा ने चौमूं में संवाददाताओं से कहा, ‘‘हमें कल रात पता चला कि बस खाई में गिरने से दुर्घटना हुई है, लेकिन आज हमें सच्चाई पता चली कि आतंकवादियों ने हमला किया था और बस खाई में गिर गई.''
उन्होंने कहा कि वे सभी बस में आगे बैठे थे और उनकी मौके पर ही मौत हो गई. इनमें केवल पवन ही जीवित हैं.
बच्चों को नहीं दी गई है मौत की खबर
उन्होंने बताया कि राजेंद्र के बच्चों को अभी तक यह बात नहीं बताई गई है.
उन्होंने कहा, ‘‘वे केवल यह जानते हैं कि उनके माता-पिता घायल हैं और उन्हें यहां लाया जा रहा है. राजेंद्र की एक बेटी और दो बेटे हैं. उन्होंने अपने माता-पिता को खो दिया है. ऐसे में अब उनकी आर्थिक हालत खराब हो जाएगी क्योंकि राजेंद्र परिवार में इकलौते कमाने वाले थे.''
चौमूं से कुछ ही किलोमीटर दूर अजमेरा की ढाणी में लोग पूजा और उसके दो साल के बेटे की मौत पर गमजदा हैं. पूजा की शादी चार साल पहले गांव में ई-मित्र की दुकान करने वाले पवन से हुई थी.
पोस्टमार्टम के बाद जयपुर लाए जाएंगे शव
चौमूं के तहसीलदार विजयपाल ने बताया कि चार लोगों की मौत हो गई है और एक घायल है, जिनकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है. उन्होंने बताया कि शवों का पोस्टमार्टम जम्मू-कश्मीर में कराया गया है जिन्हें जयपुर लाया जाएगा.
उन्होंने बताया कि प्रभावित परिवारों को राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं से लाभ दिलाने का प्रयास किया जायेगा.
तहसीलदार ने बताया कि राज्य सरकार के मानदंडों के अनुसार वित्तीय सहायता जारी की जाएगी. इसके साथ ही दानदाताओं से राजेंद्र और ममता के अब अनाथ हो गए बच्चों की मदद के लिए आगे आने की अपील की जाएगी.
वहीं, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स' पर पोस्ट कर कहा, ‘‘जम्मू-कश्मीर में तीर्थयात्रियों की बस पर हुए कायरतापूर्ण हमले में जयपुर जिले के रहने वाले चार नागरिकों की मृत्यु का समाचार दुखद है. राजस्थान सरकार के उच्च अधिकारियों को शीघ्र ही जम्मू कश्मीर के अधिकारियों व स्थानीय प्रशासन से समन्वय स्थापित कर पार्थिव शरीर दिवंगतों के परिजनों तक पहुंचाने हेतु निर्देश दिए गए हैं.''
शर्मा ने यह भी कहा कि इस कठिन समय में हमले के प्रभावितों के साथ हमारी सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ खड़ी है.
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