रिस्पना नदी में अविरल स्वच्छ जल बहे इसके लिए त्रिवेंद्र सरकार के गठन के बाद इससे जुड़े प्रोजेक्ट को ड्रीम प्रोजेक्ट के रूप में देखा जा रहा था. रिस्पना नदी को पुनर्जीवित करने के लिए कई योजनाओं के दावे किए गए लेकिन हालात आज भी जस के तस हैं. 26 मार्च 2017 को देहरादून की गायत्री ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मन की बात कार्यक्रम में देहरादून की दम तोड़ती रिस्पना नदी के बारे में अवगत कराया. साथ ही सरकार ने रिस्पना नदी को साफ का संकल्प लिया. रिस्पना की बदहाली रोकने के लिए खुद सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत मोर्चे पर खड़े हो गए लेकिन हालत ये है कि मसूरी के पहाड़ों में निर्मल बहने वाली रिस्पना नदी मात्र 5 किमी की दूरी तय कर उत्तराखण्ड की राजधानी देहरादून पहुंचते-पहुंचते दम तोड़ देती है. इस नदी के जरिए पहले 20 हजार से ज्यादा हेक्टेयर कृषि भूमि की सिंचाई की जाती थी.from Latest News उत्तराखंड News18 हिंदी https://ift.tt/2PY8meB
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