श्रीनगर गढ़वाल में निर्मित 330 मेगावाट जलविद्युत परियोजना की नहर से हो रहा पानी का रिसाव ट्रीटमेंट के बाद भी नहीं रोका सका. खेत खलिहानों, रास्तों के बाद अब ग्रामीणों के मकानों के अंदर और नीचे से भी पानी निकलने लगा है. इससे इलाके में परिस्थितियां विकट होती चली जा रही हैं. बता दें कि परियोजना संस्था जीवीके ने पंजाब से विशेषज्ञों की टीम बुलाकर नहर से रिसाव रोकने की कोशिशें की. लेकिन ये कोशिशें असफल साबित हुई. रिसाव के चलते खौफ में जी रहे ग्रामीण अनहोनी की आशंका के चलते विस्थापन की मांग कर रहे हैं. मामले को हल्के में ले रहे शासन-प्रशासन की लापरवाही कभी भी किसी बड़ी घटना को अंजाम दे सकती है.from Latest News उत्तराखंड News18 हिंदी http://bit.ly/2QigUYG
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