google.com, pub-5537491996600610, DIRECT, f08c47fec0942fa0 breakingnews: संभल में 1978 दंगों के पीड़ित हिंदू परिवारों को 47 साल बाद मिला इंसाफ, जानिए पूरी कहानी

best

Wednesday, January 15, 2025

संभल में 1978 दंगों के पीड़ित हिंदू परिवारों को 47 साल बाद मिला इंसाफ, जानिए पूरी कहानी

संभल जिले के कोतवाली क्षेत्र स्थित जगत मोहल्ले में 1978 के दंगों के 47 साल बाद प्रशासन ने तीन परिवारों को उनके बाग वापस सौंप दिए. यह परिवार दंगों के बाद अपना घर बेचकर पलायन कर गए थे. घटना को लेकर प्रशासन ने संबंधित इलाके में जांच की और परिवारों को उनका अधिका दिलवाया है.

दरअसल, यह मामला संभल के जगत मोहल्ले का है, जहां डीएम और एसपी पुलिस टीम के साथ उस इलाके में पहुंचे. यहां पर पहले तीन परिवारों का बाग था, लेकिन बाद में स्कूल का निर्माण कर दिया गया. डीएम ने स्कूल के संचालक डॉ. शाहवेज से जमीन के कागजात मांगे, लेकिन वे पूरी जमीन के कागज पेश नहीं कर पाए. वहीं, परिवार के सदस्य इन दावों को फर्जी बताते हुए इसके खिलाफ थे.

पुलिस और प्रशासन की टीम ने 10,000 स्क्वायर फीट जमीन को कब्जा मुक्त करवा लिया. मंगलवार को भी एएसपी, एसडीएम और राजस्व विभाग की टीम ने 15,000 स्क्वायर फीट जमीन से 10,000 स्क्वायर फीट भूमि कब्जा मुक्त कराई.

यह मामला उस समय का है जब 1978 के दंगों के बाद रामभरोसे, नन्नूमल और तुलसीराम का पूरा परिवार अपने घर बेचकर पलायन कर गया था. ये परिवार चंदौसी, नरौली और मुरादाबाद जैसे स्थानों पर जाकर रहने लगे थे. इन परिवारों ने राजस्व विभाग और पुलिस से भी इस मामले की शिकायत की थी, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई. इसके बाद, परिवारों ने सीएम पोर्टल पर भी शिकायत दी, लेकिन वहां से भी कोई न्याय नहीं मिला.

लंबे इंतजार के बाद प्रशासन ने अब उनके अधिकार बहाल किए हैं, हालांकि लड़ाई लड़ने वाले रामभरोसे, नन्नूमल और तुलसीराम की अब मृत्यु हो चुकी है. अब उनके परिवारों को कब्जा दिलवाया गया है. डीएम राजेंद्र पेंसिया ने इस मामले पर टिप्पणी करते हुए कहा, "इस स्कूल के पीछे की भूमि आज भी कागजों में बाग के नाम से दर्ज है और अभी तक किसी के नाम से कोई दाखिल खारिज नहीं हुआ है."



from NDTV India - Latest https://ift.tt/87LEzYV

No comments:

Post a Comment

The Indian chef who brought curry to America - then vanished

Indian chef Ranji Smile opened America’s first Indian restaurant in 1901 - then became a fake prince. from BBC News https://ift.tt/PCTFGrw